बिहार के बुजुर्गो के लिए खुशखबरी, अब घर बैठे होगी जमीन-फ्लैट की रजिस्ट्री

बिहार के बुजुर्गो के लिए खुशखबरी, अब घर बैठे होगी जमीन-फ्लैट की रजिस्ट्री
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बिहार सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए जमीन और फ्लैट की रजिस्ट्री प्रक्रिया को सरल, सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने का अहम फैसला लिया है। 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के वृद्धजनों को अब निबंधन के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। जरूरत पड़ने पर सरकार खुद उनके घर जाकर रजिस्ट्री से जुड़ी सभी सेवाएं उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया के जरिए इस नई व्यवस्था की जानकारी दी है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी।

बिहार में बुजुर्गों को 1 बड़ी खुशखबरी, सरकार ने दिया तोहफा! -  raigarhtopnews.com

बिहार सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जमीन और फ्लैट की रजिस्ट्री प्रक्रिया में ऐतिहासिक बदलाव किया है। 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के वृद्धजनों के लिए अब निबंधन कार्यालय जाना अनिवार्य नहीं होगा। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की ओर से यह सेवा चलंत निबंधन इकाई (मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट) के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि बुज़ुर्गों को घर बैठे ही रजिस्ट्री की पूरी सुविधा मिल सके।

इस नई व्यवस्था के तहत आवेदक को केवल ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन स्वीकृत होने के बाद विभाग की विशेष टीम तय समय पर आवेदक के घर पहुंचेगी और जमीन या फ्लैट की रजिस्ट्री से जुड़ी सभी औपचारिकताएं वहीं पूरी की जाएंगी। इसमें दस्तावेजों का सत्यापन, पंजीयन, बायोमेट्रिक प्रक्रिया और अन्य आवश्यक कानूनी कार्य शामिल होंगे। सरकार का दावा है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, सुरक्षित और समयबद्ध होगी, जिससे किसी भी तरह की असुविधा या देरी से बचा जा सकेगा।

सरकार ने इस प्रस्ताव को और प्रभावी बनाने के लिए जनता से सुझाव भी आमंत्रित किए हैं। 19 जनवरी तक नागरिक क्यूआर कोड स्कैन कर अपने सुझाव भेज सकते हैं। इसके अलावा, लोग अपने सुझाव पत्र के माध्यम से अपर सचिव, 4 देश र मार्ग, मुख्यमंत्री सचिवालय, पटना-800001 के पते पर भेज सकते हैं।

इस पहल के पीछे सरकार की मंशा बिल्कुल स्पष्ट है। अब तक 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के बुज़ुर्गों को जमीन या फ्लैट की रजिस्ट्री के दौरान कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। शारीरिक कमजोरी, लंबी कतारें, बार-बार दफ्तरों के चक्कर और तकनीकी प्रक्रियाएं उनके लिए बड़ी चुनौती बन जाती थीं। कई मामलों में इसी मजबूरी का फायदा उठाकर दलाल सक्रिय हो जाते थे और बुज़ुर्गों को ठगी या धोखाधड़ी का शिकार होना पड़ता था। नई मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट व्यवस्था से न सिर्फ इन समस्याओं से राहत मिलेगी, बल्कि रजिस्ट्री प्रक्रिया पर भरोसा भी बढ़ेगा। दस्तावेजों की सही और अद्यतन जानकारी मौके पर ही उपलब्ध होने से जमीन की खरीद-बिक्री में पारदर्शिता आएगी और भविष्य में होने वाले विवादों में भी कमी आएगी। यह व्यवस्था खासतौर पर उन बुज़ुर्गों के लिए वरदान साबित होगी, जो अकेले रहते हैं या चलने-फिरने में असमर्थ हैं।

सरकार इसे डिजिटल ईज-ऑफ-लिविंग की दिशा में एक बड़ा कदम मान रही है। यह फैसला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 7 निश्चय-3 कार्यक्रम के तहत सातवें निश्चय सबका सम्मान, जीवन आसान के अंतर्गत लिया गया है। सरकार के गठन के बाद अब तक इस निश्चय के तहत तीन बड़े फैसले लिए जा चुके हैं। इन सभी का उद्देश्य आम जनता की रोजमर्रा की जिंदगी को सरल बनाना और बिहार को देश के विकसित राज्यों की कतार में खड़ा करना है।